चाह गाइड चाह बनेनाइ
दोकानक चाह घरक चाह सँ नीक किएक लगैत अछि?
किएक तँ दोकान पर चाह पैघ बर्तनमे बनैत अछि, एक बर्तनक बाद दोसर, आ अहाँ एक बेरमे एक कप बनबैत छी। पैघ बर्तन ताप केँ समान रखैत अछि आ धीरे उबलैत अछि, दूध पूरा मलाई बला रहैत अछि, बेसीकाल भैंसक, पत्ती खुजल हाथेँ पड़ैत अछि किएक तँ प्रति कप ओकर खर्च कम अछि, आ बनलाक एक मिनटहि भीतर, उबलैत अवस्थामे देल जाइत अछि। एहिमे कोनो रहस्य नहि, आ एहिमे सँ बेसीभाग अहाँ नकल कऽ सकैत छी।
दोकान पर ठाढ़ भऽ ई विचार लगभग सभ केँ अबैत अछि, आ इंटरनेट पर भेटऽ बला लगभग हर जवाब अहाँक मसाला केँ दोष दैत अछि। कारण प्रायः मसाला नहि होइत अछि। कारण बर्तन, दूध आ ताप थिक।
दोकानक चाह घरक चाह सँ नीक किएक लगैत अछि?
छह कारण, लगभग महत्त्वक क्रममे।
1. बर्तन पैघ अछि, ताहि सँ उबाल कोमल अछि
इएह सभ सँ पैघ कारण थिक आ एकर चर्च लगभग केओ नहि करैत अछि। चाकर, भारी बर्तनमे एक लीटर चाहक लग ताप सम्हारबाक क्षमता रहैत अछि। ओ धीरे उबलैत अछि, लगातार धीमा उबाल पर रहैत अछि, आ तरमे नहि लगैत अछि।
पातर छोट बर्तनमे एक कप डेढ़ मिनटमे ठण्ढा सँ तेज उबाल पर पहुँचि जाइत अछि आ दूध तरमे लागि जाइत अछि। घरक बहुतो चाहमे जे हल्लुक जरल गन्ध अबैत अछि, से इएह थिक, आ एक बेर आबि गेल तँ जाइत नहि अछि।
दोकानक बर्तन अहाँ कीनि नहि सकैत छी, मुदा घरक सभ सँ भारी बर्तन प्रयोग कऽ कऽ आगि धीमा राखि सकैत छी।
2. दूध पूरा मलाई बला रहैत अछि, बेसीकाल भैंसक
चिक्कनाइ स्वाद केँ उठबैत अछि आ चाह केँ भार दैत अछि। टोन्ड वा मलाई निकालल दूध सँ चाह पातरहि रहत, पत्ती कोनहु किएक ने हो, आ बेसीभाग घर चुपचाप टोन्ड दूध पर आबि गेल अछि आ चाह बिगड़बाक संग ओकर सम्बन्ध नहि जोड़लक अछि।
भैंसक दूध आओर गाढ़ अछि, दोकानक चाह केँ ओ भारीपन इएह दैत अछि। प्रयोग करी तँ पत्ती किछु बढ़ा दिअ, नहि तँ दबि जाएत।
3. पत्ती खुजल हाथेँ पड़ैत अछि
एक कप चाहमे पत्तीक खर्च दू टाका सँ कम अछि। दोकानदार ई हिसाब नीक जकाँ जनैत अछि। घरमे लोक बिनु बुझने कंजूसी कऽ जाइत अछि।
प्रति कप एक भरल चम्मच, लगभग 3 ग्राम, इएह दोकानक मात्रा थिक। जँ अहाँ सम चम्मच दैत आएल छी आ सोचैत छी जे अहाँक किएक फिक्का अछि, तँ जवाब इएह थिक।
4. दूध देबऽ सँ पहिने पानिमे उबालल जाइत अछि
हर दोकान ई करैत अछि आ बेसीभाग घर नहि करैत अछि। सीटीसीक दाना केँ उबलैत साधारण पानिमे खुजबाक चाही। दूध पत्ती पर एकटा तह लगा दैत अछि आ निकासी धीमा कऽ दैत अछि, ताहि सँ जे चाह शुरूहि सँ दूधमे पड़ल हो से अपन रङ कहियो नहि छोड़ैत अछि।
पहिने पानि, पूरा एक मिनट तेज उबाल, जा धरि पानिक रङ गाढ़ नहि होइत, तखन दूध।
5. तुरन्त देल जाइत अछि, आ बहुत गरम
दोकान पर चाह बनलाक एक मिनटहि भीतर छोट गिलासमे ढारि कऽ चारि मिनटमे पीबि लेल जाइत अछि। घरमे चाह छननी ताकैत काल बर्तनहिमे बैसल रहैत अछि, तखन पैघ मगमे ठण्ढा होइत अछि, आ आधा पिबैत काल ठण्ढा भऽ जाइत अछि।
सीटीसी चाह ठण्ढा भेला पर सचमुच बिगड़ि जाइत अछि। ई कल्पना नहि आ पुरान सुरतिक मोह सेहो नहि। छोट गिलास एकटा कारणहि सँ अछि: गरम रहितहि खतम भऽ जाइत अछि।
6. दोकान पर पत्ती जल्दी खतम होइत अछि
दोकान एक दू दिनमे नव पैकेट खोलैत अछि। अहाँक पैकेट मास सँ आलमारीमे खुजल पड़ल अछि, संभवतः मसालाक डिब्बाक बगलमे। चाह फिक्का पड़ैत अछि, आ सभ सँ पहिने बास जाइत अछि।
जे कारण नहि थिक
पन्द्रह मिनट उबालब। ई बेर बेर कहल जाइत अछि आ ई गलत अछि। नमहर उबालहि चाह केँ तीत बनबैत अछि, कड़क नहि। दोकानक बर्तन धीमा उबलैत अछि किएक तँ ओकरा गरम राखल जा रहल अछि आ ओहि सँ ढारल जा रहल अछि, एहि कारणे नहि जे पन्द्रह मिनट पत्ती निचोड़ल जा रहल अछि। हर बर्तन आन ठामक जकाँ किछुए मिनट बनैत अछि आ पत्ती सँ अलग कऽ लेल जाइत अछि।
गुप्त मसाला। बेसीभाग दोकान अदरक दैत अछि, कहियो इलायची, आ आओर किछु नहि। बारह मसालाक मेल घर आ कैफेक ईजाद थिक।
स्टीलक गिलास। ओ मदति करैत अछि, किएक तँ छोट बर्तन चाह केँ गरम रखैत अछि आ जल्दी पिआ दैत अछि। मुदा काज आकार कऽ रहल अछि, धातु नहि।
घर पर दोकान जकाँ चाह कोना बनाबी
एक कप सँ बेसी बनाउ। सभ सँ पैघ असर एहि एक बदलावहिमे अछि। एकक बदला दू कप बनेलहु पर सेहो सुधार होइत अछि।
- भारी बर्तन, आगि तेज नहि, मध्यम।
- प्रति कप आधा कप पानि, प्रति कप एक भरल चम्मच आसाम सीटीसी, आ दैत छी तँ कुटल अदरक।
- पूरा एक मिनट तेज उबालू, जा धरि पानिक रङ सचमुच गाढ़ नहि होइत।
- प्रति कप आधा कप पूरा मलाई बला दूध, आ चीनी दिअ।
- फेर धीमा उबाल पर आनि कऽ दू सँ तीन मिनट राखू। गाढ़ लाल आभा बला भूरा रङ भऽ गेल तँ भऽ गेल।
- छोट गिलासमे छानू आ एखनहि पीबू।
तखनहु ठीक नहि लागय तँ पहिने दू वस्तु बदलू, दूध आ बर्तनक आकार। अन्तरक बेसीभाग ओहि दुनूमे अछि।
पढ़ैत एतबे होइत अछि।
जाहि चाहक ई सब गप्प अछि, से 100 ग्राम सँ 1 किलो धरि, समस्त भारतमे पहुँचाओल जाइत अछि।